संगीत
संगीत है आत्मा की आवाज,
हर दिल की ललक और चित्कार।
सुरों की लहरें, स्वर की बूँदें,
जीवन के रंग इसमें झरते।
वीणा की तान, बाँसुरी की बांस,
हर साज में बसता है विश्वास।
कभी खुशी की, कभी पीड़ों की बात,
संगीत में मिलता हर जज़्बात।
बिन शब्दों के कह दे कहानी,
संगीत सजे ,तो हर महफ़िल “रानी”।
रागों का जादू, तालों की चाल,
मन को बाँधे, मिटाए जंजाल।
संगीत है सृष्टि की भाषा,
प्रकृति भी गाए इसकी परिभाषा।
सुनो तो पत्तों की सरसराहट,
वो भी है एक मधुर गूँज की राहत।
संगीत है सृष्टि का सम्मान,
एकल,वंदन या समूह -गान।
मन - साधना,सिधि - साधना
यह है सशक्त राम - बाण !!!!
-रेनू अख़्तर
Beautiful feelings
ReplyDeleteWonderful ❣️❣️
ReplyDelete👍
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteNicely Composed.
ReplyDeleteAwesome mam...
ReplyDeleteSo beautiful
ReplyDeleteWhat a beautiful way you've defined music- not just as a sound but as something that resonates with our emotions and soul. Wonderful work!
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