सनम तेरे नाम के ,
ये मुर्झाते खिल के ,
हम शर्माते मिल के।
आइने यह दिल के,
लहूलुहान यह रंग से,
आज लाज लाल मुख पे,
नतीजे हमारे संग के।
रंगीन फिज़ा, रब्ब की रजा़,
मध्म हवा, मन मनोरमा ।
सनम! दूर-दूर हम खड़े,
पर समां हमारे संग चले,
नतीजे यह सच्चे प्यार के,
यह दो फूल प्यार के,
यह दो फूल गुलाब के,
यह दो फूल गुलाब के।
-श्री ए.रेनू