हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बादल, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार

Saturday, June 17, 2023

आरज़ू



आरज़ू कर…. 

ऐ इन्सान…. 

कि जीवन जगे। 

आरज़ू कर…. 

 ऐ इन्सान….. 

कि जीव खिले। 

आरज़ू कर…. 

ऐ इन्सान…… 

कि भाव जगे। 

आरज़ू कर… 

ऐ इन्सान… 

कि भाग जगें। 

आरज़ू कर…. 

ऐ इन्सान…. 

कि हिम्मत मिले। 

आरज़ू कर….. 

ऐ इन्सान… 

कि हम सच सुने। 


दुआ कर ऐ इन्सान… 

कि झूठ पर लगाम लगे, 

इंसान में इंसानियत, 

रूह में रूहानियत, 

जीवन में जीवन, 

और…. 

धरती पर इंसान रहे।।। 

                     -श्री ए. रेनू 



चांदनी रात

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