आरज़ू कर….
ऐ इन्सान….
कि जीवन जगे।
आरज़ू कर….
ऐ इन्सान…..
कि जीव खिले।
आरज़ू कर….
ऐ इन्सान……
कि भाव जगे।
आरज़ू कर…
ऐ इन्सान…
कि भाग जगें।
आरज़ू कर….
ऐ इन्सान….
कि हिम्मत मिले।
आरज़ू कर…..
ऐ इन्सान…
कि हम सच सुने।
दुआ कर ऐ इन्सान…
कि झूठ पर लगाम लगे,
इंसान में इंसानियत,
रूह में रूहानियत,
जीवन में जीवन,
और….
धरती पर इंसान रहे।।।
-श्री ए. रेनू