हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बादल, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार

Friday, May 26, 2023

दुआ

       


रच कर धरा को…. 

रब्ब ने !! 

ज़र्रे - ज़र्रे को….. 

फूलो - फलो की दुआ दी।

 

सींच…… 

पूरे महीने नौ !!! 

 कोख में  !! 

माँ ने बच्चों को… 

 इंसान होने की दुआ दी। 

   

खोल के

दामन अपना.. 

धरती ने ......

पशु - प्राणी… 

 नर-नारी सबको!! 

उदर - तृप्ति की दुआ दी। 

 

मन पूछे…. 

 आज जाने क्यों ?? 

जीवन में हमने… 

किस - किस को.. 

क्या - क्या….. दुआ दी। 

                        -श्री ए. रेनू 


 


Wednesday, May 17, 2023

तेरी छवि

 हूबहू  थी……!! 

पर तुम नहीं थीं। 

रुबरु थी….!! 

पर तुम नहीं थीं। 


आँखें.…. खुली थीं.. ।

नींद  भी नहीं थी….!! 

धड़कन में धड़क थी.. 

सीने में तड़प भी थी। 


हे मेरे सनम, 

पर सामने तुम नहीं थीं !! 

तेरी छवि थी !!! 

तुम से अधिक हसीन थी !! 

बेजुबान थी…. 

पर बेलगाम थी। 

लाजवाब थी। 

तेरी तस्वीर…. 

 मेरे सनम, बेमिसाल थी।!! 

               -श्री ए. रेनू 


Thursday, May 4, 2023

मितवा

 'मितवा' 


मन में रहे मितवा, 

और 

मन की करे मितवा। 

मार के मन मेरा….. 

जन जन की सुने मितवा। 

मन मेरा यही सोचे… 

क्यों ? मैं  नहीं.. 

क्यों?? मैं ही नहीं… 

जन - जन में । 

जबकि… तू है .. मेरा 

सिर्फ मेरा!!!! 

मितवा। 

             -श्री ए. रेनू 

चांदनी रात

 🌙 चांदनी रात 🌙 नीले अम्बर की चादर तले, शांत पड़ी है सारी रात। सुनहरी चांदनी बिखरे नभ में, जैसे उतरी हो कोई बात। ठंडी-ठंडी हवा के झोंके, छ...