नयन लगे हो रब्ब से,
तो मन में रहे ठहराव।
हो जाए ये विचलित,
जब बने नैन कटार।
नैन सैन जब कोई करे,
तो बात न उसकी मान।
मनका - मनका फेर के ,
बस बात ' रब्ब' की मान।
-श्री ए. रेनू
हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार, मौसम,समय, सुहानी सुबह, व्यथा, कथा, याद पर कविता। पहेली, कहानी, लेख, शायरी, यात्रा ।'श्री ए. रेनू ' की रचनाएँ। Hindi Poetry - On life, country, nature, Sawan, clouds, rain, separation, sorrow, thought, love, childhood, festival, weather, life, time, pleasant morning, sorrow story, remembrance, etc. Puzzle, Story, Article, Poetry, Journey.'Ms. A. Renu's ' compositions.
नयन लगे हो रब्ब से,
तो मन में रहे ठहराव।
हो जाए ये विचलित,
जब बने नैन कटार।
नैन सैन जब कोई करे,
तो बात न उसकी मान।
मनका - मनका फेर के ,
बस बात ' रब्ब' की मान।
-श्री ए. रेनू
ऐ रब्ब! हाथ तेरा,
सबके सिर पर रहे।
शुभ सोम
शुभ मंगल
शुभ बुध
शुभ गुरु
शुभ शुक्र
शुभ शनि
शुभ रवि
में हर पल शुभ और फलदार रहे।
नव - वर्ष, नव-रत्न सम शानदार रहे।
ऐ रब्ब !
स्वास्थ्य, सम्मान,
सम्पत्ति, समारोह,
स्नेह, सुधार,
सद्बुद्धि, सद्-भाव की सौगात,
जन - मन में रहे।
नव - वर्ष हम सब के लिए ,
सुखद अनुभवों का साल रहे 🙏।
-श्री ए. रेनू
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