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Monday, June 3, 2024

दो फूल गुलाब के

दो फूल गुलाब के ,

सनम तेरे नाम के , 

ये मुर्झाते खिल के ,

हम शर्माते मिल के। 


आइने यह दिल के, 

लहूलुहान यह रंग से, 

आज लाज लाल मुख पे, 

नतीजे हमारे संग के। 


 रंगीन फिज़ा, रब्ब की रजा़, 

 मध्म हवा, मन  मनोरमा ।


 सनम! दूर-दूर हम खड़े, 

 पर समां हमारे संग चले, 

 नतीजे यह सच्चे प्यार के, 

  यह दो फूल प्यार के, 

यह दो फूल गुलाब के, 

यह दो फूल गुलाब के। 

                   -श्री ए.रेनू 











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