हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बादल, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार

Tuesday, October 24, 2023

शुभ दशहरा

 शुभ दशहरा 

दशहरा सारे दंश हरे, 

दुष्कर्मों से जीव- जीवन रहे परे। 

दुविधाएँ दुनिया की "राम" हरे! 

दुष्कर्मी को दंड मिले, 

जल्दी और सही समय पर मिले। 

मानवता, सहिष्णुता को बल मिले, 

कुइच्छाओं, स्वार्थीपन पर लगाम लगे, 

सादगी को सम्मान, 

भोलेपन को विश्वास मिले। 

विजयादशमी पर 'दास' तेरा, 

हे राम! हे रामा ! हे राम! 

बस, यही अरदास करे। 🙏

3 comments:

Thanks ☺️

चांदनी रात

 🌙 चांदनी रात 🌙 नीले अम्बर की चादर तले, शांत पड़ी है सारी रात। सुनहरी चांदनी बिखरे नभ में, जैसे उतरी हो कोई बात। ठंडी-ठंडी हवा के झोंके, छ...