हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बादल, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार

Thursday, March 23, 2023

मार्च का यौवन

 चहके चिड़िया, कूहके कोयल,

ले आया...

समय…. 

फिर से, 

धरा पर,

 मार्च का यौवन। 


कोमल पत्ते, रंग रंगीले, 

नव यौवना से भरमीले। 

मन को भाते हाथ न आते, 

दूर शाख पर गतिमान इतराते। 


शोभा प्रकृति की बढ़ाते, 

नैनौ से मन में बस जाते, 

देख, रब्ब की!! 

 यह कारीगरी… 

नतमस्तक हम हो जाते। 🙏🙏 

                        -श्री ए. रेनू 


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Thanks ☺️

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