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Saturday, August 13, 2022

मुहब्बत, शब्द और जीवन??

 शब्द इंतजार करते हैं, 

मुहब्बत भरा दिन , 

बने कैसे? 

प्रश्न पर प्रश्न?? 

मुहब्बत भरे, 

शब्द हम कहे तो 

कहे कैसे ? ? 

शिकवा हो तो, 

शिकायत से कहते। 

दुआ हो तो, 

दुआ में कहते । 

रूठे हो तो, 

मनाने को कहते  ।

जल्द घर आने, 

को कहते  ।

जुदा हो तो , 

मिलने को कहते  ।

जाते  हो तो, 

आने को कहते  ।


पर ……. 

मुहब्बत भरा दिन, 

बनाने को… 

कैसे…? क्या कह दे? 

नही पता……??? 

बस…. शब्द ज़ुबान पर, 

आने का इंतजार ही, 

करते रहे……। 

और दिन बीत गया ! ! 

इक दिन!! पता चला… 

जीवन ही बीत गया !! 

                         - श्री ए. रेनू 

7 comments:

Thanks ☺️

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