शब्द इंतजार करते हैं,
मुहब्बत भरा दिन ,
बने कैसे?
प्रश्न पर प्रश्न??
मुहब्बत भरे,
शब्द हम कहे तो
कहे कैसे ? ?
शिकवा हो तो,
शिकायत से कहते।
दुआ हो तो,
दुआ में कहते ।
रूठे हो तो,
मनाने को कहते ।
जल्द घर आने,
को कहते ।
जुदा हो तो ,
मिलने को कहते ।
जाते हो तो,
आने को कहते ।
पर …….
मुहब्बत भरा दिन,
बनाने को…
कैसे…? क्या कह दे?
नही पता……???
बस…. शब्द ज़ुबान पर,
आने का इंतजार ही,
करते रहे……।
और दिन बीत गया ! !
इक दिन!! पता चला…
जीवन ही बीत गया !!
- श्री ए. रेनू
Excellent 👌👌👌
ReplyDeleteWow
ReplyDeleteNice lines ma'am
ReplyDeleteBeautiful lines .. And a great message to everyone “not to live just materialistic life “
ReplyDeleteVery nice
ReplyDeleteWonderful 👍
ReplyDeleteBeautiful
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