लेते हैं जब भी,
' नाम 'अपने वतन का।
मन में लहर,
गरवीली-सी लहराती हैं।
साँसों में सुगंध तेरी ही,
बन साँस,
तन में तरुणा लाती है।
तू है , तो हम है!!
तुझ , से ही है,
वजूद मेरा।
तेरे प्रयासों से ही,
बलवंत और जीवंत,
रोम - रोम मेरा ।।
मन प्रफुल्लित हो जाता,
जब भी,
लेते हैं, 'नाम' तेरा।
तू रखवाला, प्राणप्रदाता
पहचान दिलाता,
अधिकार दिलाता,
अधिकारी बनाता।
लेते ही जन्म भूमि पर,
' भारतीय ' होने का गौरव दिलाता।
हे! जन्मभूमि, मेरी कर्मधरा,
तेरा बालक, तुझ पर बलिहारी जाता।
करूँगा!! अवश्य ही ,
' मैं ' काम कुछ ऐसे,
विश्व - कल्याण,
हो जिससे।
नभ, थल, जल में,
फैले लहर गर्व की।
और!!
जन - जन की ज़ुबान,
पर हो, एक ही गान।
भारत देश है महान।
भारत देश है महान।
-श्री ए. रेनू
Very nice
ReplyDeleteVery nice
ReplyDelete👌👌
ReplyDeleteProud to be an Indian..
ReplyDeleteBeautiful emotions for Mother Land.
God Bless!
Very nice
ReplyDeleteAwesome 👌👌
ReplyDeleteWonderful expression ma'am
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