हिंदी कविता -ज़िंदगी, देश, प्रकृति, सावन, बादल, बारिश, जुदाई, गम, ख़्याल, प्रेम, बचपन, त्योहार

Saturday, June 11, 2022

राजा और रानी

 आज कह, 

कोई, 

कहानी सखी ! 

जिसमें हो , 

'एक राजा' 

और 

'एक ही रानी', सखी। 


न हो खत्म, 

यहाँ, 

कहानी यह सखी, 

पर हो, 

शुरू, 

जिन्दगानी सखी। 

रहे वो, 

सच में, 

खुशहाल सदा।। 


तो क्या ? 

गर न हो…. 

महल - चौबारे, 

सोने-चांदी के हार - श्रृंगार 

से रानी का  रूप सजा । 


होने दे, 

रंग गेरुआ, 

माटी की सुगंध से, 

नख - शिख सजा। 

साधारण - सी भले ही,

पहनी साड़ी हो, 

पर दिल से जिंदा, 

तेरी कहानी 

की रानी हो !! 


कह दे !! 

आज कहानी सखी री। 

जिसमें राजा, 

सचमुच का राजा हो। 

उँच - नीच की समझ के साथ, 

उसमें अहसास कुछ ज्यादा हो। 

गौरव, साहस, बल, सामर्थ्य 

तो, 

होगा ही उसमें, 

आखिर  ' राजा ' जो ठहरा। 

तो  ' ठाठ ' होना, 

तो लाज़मी है। 

पर ! 

' मैं ' , यह चाहूँ, 

उसमें  ' समझ ' 

सबसे ज्यादा हो। 


चाहे न हो… 

नव-रत्न, परिधान रंग - रंगीले, 

छप्पन - भोग, वाहन अनूठे ।

पर , 

आँखों में चमक चाँद- सी, 

मन में तड़प मीन - सी, 

लगन में गहराई , 

सागर से भी ज़्यादा हो। 


कह री! सखी! 

कोई कहानी ऐसी, 

जिसमें

' सच की रानी '

        और 

 ' सच का राजा 'हो। 

                    -  श्री ए. रेनू 







31 comments:

  1. Waah !!!!👏👏👏👏👏

    ReplyDelete
  2. Beautifully composed romantic lines

    ReplyDelete
  3. Great poet with a beating heart

    ReplyDelete
  4. Very nice ma'am..

    ReplyDelete
  5. Wonderful thought..
    God Bless!

    ReplyDelete
  6. Amazing!! As ever! 💗

    ReplyDelete
  7. 👍Very Good! Keep it up🌸

    ReplyDelete
  8. Nyc thought .....👏👏👏

    ReplyDelete
  9. Lovely lines Ma'am

    ReplyDelete
  10. Superb mam.. Nice creation..

    ReplyDelete
  11. Wonderful short story like a painting

    ReplyDelete
  12. Wow mam😍😍

    ReplyDelete

Thanks ☺️

चांदनी रात

 🌙 चांदनी रात 🌙 नीले अम्बर की चादर तले, शांत पड़ी है सारी रात। सुनहरी चांदनी बिखरे नभ में, जैसे उतरी हो कोई बात। ठंडी-ठंडी हवा के झोंके, छ...