प्रिय पाठकगण।
सादर प्रणाम! आप सभी को दीपावली की
हार्दिक शुभकामनाएँ।
ईश्वर की कृपा हम सब पर बहुतायत से
बनी रहे और आने वाला वर्ष हमारे लिए
अच्छा स्वास्थ्य, तरक्की, खुशियाँ लेकर आए।
दीपावली के शुभ अवसर पर आपके लिए
एक कविता प्रस्तुत है-
दीपावली
दीप, धन- धान्य, दान,
श्रम - श्रद्धा, संस्कृति - संस्कार,
त्याग- आदर, आस्था, भक्ति- शक्ति,
दीपावली राम - जीवन का यशोगान।
मन समृद्धि, तन नियंत्रण, धन वृद्धि,
राम रमैया संग कुबेर - लक्ष्मी सुश्री,
वर्ष में यह सुनिश्चित सुयुति बनती,
आलौकिक महिमा चहुँओर बरसती।
भगवन! भाग्य सबका सँवारें,
शुभ-लाभ, स्वास्थ्य, सद्बुद्धि,
सद्भाव, सदाचार, उन्नति, वृद्धि,
दे जन-जन का जीवन निखारें।
मानव इक बात भी समझ जाए,
दीपावली रामा के संघर्ष-त्याग,
के बाद आई।
अंहकार से रामा ने की,
सीधी लड़ाई।
जीवन चक्र का चित्रण दिखाया,
हमको मुक्त जीवन का राह दिखाया,
तब जाकर हमने…..!!!!!!!
दीपावली का त्योहार है पाया।
लगता है मुझको ऐसे,
जैसे संग सिया और लक्ष्मण,
रामजी हम सब से कहते..
"मानव! तन तृप्ति सर्वोपरि,
पर मन संतुष्टि सबसे भली।"
"शुभ - लाभ, शुभ दीपावली।"
- श्री ए.रेनू
"मुग्धया ब्लॉग" की तरफ से आप सभी को
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏
Happy Diwali ! Lovely expressions.
ReplyDeleteGod Bless!
🙏👌💕💕
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