बाल - दिवस आया,
बालकों का दिन आया,
हर बालक के दिल में,
उम्दा- उमंग लाया।
सगी - साथी वही होगें,
विद्या - विद्यालय भी वही होगें,
गुरुजन भी वहीं होगें,
इन सब का अलग अंदाज लाया।
देखो- देखो, बाल दिवस आया।
दुकानें सजती, झूले लगते,
खेल - कूद और महफिल सजती,
गुरुओं की ख़ुशनुमा तबीयत दिखती,
बच्चों को बचपन दिलाने आया,
बड़ों को बचपन याद दिलाने आया,
देखो - देखो, बाल - दिवस आया।
हाँ - हाँ!! जन्म दिन है आज,
चाचा नेहरू का जन्म दिन है 'आज' ,
सबका दिन बहुत खास है आज,
खुशियों और उमगों के संग- संग,
चाचा नेहरू का आशीर्वाद लाया,
देखो- देखो, बाल दिवस आया ।
चेहरे अपने नूरानी लिए,
मन में बड़ी उमंग लिए,
मस्ती के सब तराने लिए,
बड़े गर्व से पूरे हक लिए,
बाल दिवस मनाने के लिए,
निकले पूरे हक से आज,
आज तो है हम बच्चों का राज।
देखो- देखो बाल दिवस आया ।
सबका दिल मंगलमय हो आज।
हम बच्चों की तरफ़ से,
सबको सादर प्रणाम,
सबको हार्दिक धन्यवाद।
बाल- दिवस की शुभकामनाएँ,
कर लो जी दिल से स्वीकार।
- श्री ए. रेनू
👌❤️❤️🌹
ReplyDeleteBeautiful poem mam 👌👌❤️
ReplyDelete💐💐
ReplyDeleteWonderful 👍😍
ReplyDeleteWah g great
ReplyDeleteWow beautiful poem ♥️
ReplyDeleteGreat Happy Children’s Day to everyone There is a child how den in everyone 😊💕
ReplyDeleteWow
ReplyDeleteVery beautiful
ReplyDeleteWell written
ReplyDeleteSo nice! Keep it up!
ReplyDelete👍👍👏👏👏
ReplyDeleteWonderful lines ma'am
ReplyDeleteAwesome
ReplyDeleteVV NICE
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