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Wednesday, June 8, 2022

बताओ तो जरा....??

 


हूँ मैं गहरा, 

हूँ रंगहीन पर लगूं रंगीन, 

हूँ मैं नमकीन, 

है अंदर - बाहर, 

जीवन ही जीवन, 

गहराईयों से भी गहरा, 

आसमान के सामांतर, 

सारी दुनिया मेरे अंदर। 

बताओ तो जरा…. 

क्या है मेरा नाम ? 


गाया होगा तुमने भी, 

बचपन में, 

कभी न कभी…. 

ले के मेरा नाम.. 

'भरा समन्दर, गोपी चंद्र, 

बोल मेरी मछली, 

कितना पानी ?' 

 

याद आया, 

तो बोल दो, 

कितना था पानी? 

किसमें में था पानी? 

                      -  श्री ए. रेनू 


( निवेदन : आप comment box में 

उत्तर लिख सकते हैं 🙏) 

       


31 comments:

  1. Very meaningful.👌👌👌

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  2. Excellent

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  3. Superbly written.. really appreciate

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  4. Deep words.💐

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  5. Beautiful remembrance. God bless.

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  6. Well said 👍😊

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  7. Amazing!!!keep going like this👍...all the very best ma'am. 👏👏

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  8. The choice of words is mind blowing.

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  9. Very beautifully written!💜 You have magic in your hands madame! 💛💙
    C'est super! Magnifique! ❤

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Thanks ☺️

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